इतिहास रचा जींद से हाइड्रोजन ट्रेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन हरियाणा को दी सौगातें- प्रधानमंत्री मोदी ने नायब सरकार को दिया शिखर हरियाणा बनाने का तोहफा
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–– कृष्णराज अरुण —
samaj jagran 24tv
चंडीगढ़ /जींद –
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ 17 जुलाई 2026 को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक और पर्यावरण-अनुकूल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इसके साथ ही भारत हाइड्रोजन ईंधन से संचालित ट्रेन चलाने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गय
उद्घाटन के पहले दिन ट्रेन में जीं
द से 270 यात्रियों ने यात्रा की, जिनमें लगभग 200 स्कूली विद्यार्थी शामिल थे। ट्रेन रवाना होते समय रेलवे स्टेशन पर मौजूद लोगों ने जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारे लगाकर खुशी व्यक्त की।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज का दिन भारत के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण है क्योंकि देश ने हाइड्रोजन आधारित रेल तकनीक के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि भारत अब उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिन्होंने हाइड्रोजन से संचालित ट्रेनों के लिए आवश्यक संपूर्ण तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर लिया है। जींद में स्थापित हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इस गौरवपूर्ण शुरुआत से जुड़े कुछ मुख्य और अतिरिक्त तथ्य निम्नलिखित हैं:-
🚄 ट्रेन का रूट और समय-सारणी-
मुख्य मार्ग: यह ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ 17 जुलाई 2026 को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक और पर्यावरण-अनुकूल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस गौरवपूर्ण शुरुआत से जुड़े कुछ मुख्य और अतिरिक्त तथ्य निम्नलिखित हैं:
🚄 ट्रेन का रूट और समय-सारणी-
मुख्य मार्ग: यह ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
दैनिक संचालन-: यह सेवा दिन में दो बार (दो राउंड ट्रिप) संचालित की जाएगी।
किराया: जींद से सोनीपत तक का एक तरफ का किराया मात्र ₹25 तय किया गया है।
⚙️ तकनीकी और परिचालन विशेषताएं
तकनीक: यह ट्रेन पूरी तरह प्रदूषण मुक्त है। यह डीजल के बजाय हाइड्रोजन ईंधन सेल (Fuel Cells) से चलती है, जिससे उत्सर्जन के रूप में केवल पानी की भाप (Water Vapour) निकलती है।
गति: ट्रेन की अधिकतम परिचालन गति 75 किमी प्रति घंटा है, जबकि इसकी डिजाइनिंग स्पीड 110 किमी प्रति घंटा है।
क्षमता: इस 10-कोच वाली ट्रेन में एक समय में लगभग 2,600 यात्री सफर कर सकते हैं।
सुरक्षा: इसमें हाइड्रोजन रिसाव, आग और धुएं का पता लगाने के लिए अत्याधुनिक मल्टी-लेयर सुरक्षा प्रणालियां लगाई गई हैं।
ट्रेन स्टाफ: उद्घाटन के पहले दिन इसका सफल संचालन लोको पायलट राजेश कुमार और वरिष्ठ सहायक लोको पायलट गगनदीप सिंह ने किया, जिन्हें चेन्नई से विशेष तकनीकी प्रशिक्षण मिला था।
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