विद्युत मंडल लहा सबस्टेशन जेई नारायणगढ़ को कैसा विशेष पावर – –ग्रामीणों को दिन रात बिजली कटौती होगी के अधिकार का दावा – (बेचारे ग्रामं वासी चुप रह जाते हैं उन्हें नहीं पता मंत्री विज जी ने क्या आदेश दिए )
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चण्डीगढ़/ नारायणगङ् ब्यूरो –
उत्तरी हरियाणा बिजली निगम नारायबगड़ अंतर्गत सब स्टेशन के जेई लाइनमेन को शायद बिजली मंत्री जी ने ने विशेष अधिकार दिए हैंकि वे बिजली कटौति अपनी मर्जी से करेंगे चाहे ग्रामीण जनता गर्मी की बहकाल स्थिति में मरना स्थिति में क्यों ना पहुंच जाए।
उत्तरी हरियाणा में बिजली कटौती की मर्यादा किस हद तक और क्यों -?
किसी भी परिस्थिति में 4 घंटे से अधिक बिजली नहीं कटेगी गावों की और शहर की 2 घंटे से अधिक नहीं। जबकि सरकार के आदेश हैं की ग्रामीण जनता को लाचार ना किया जाए।

ध्यान दें ऊर्जा मंत्री निर्देश –
हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज के कड़े निर्देशों के अनुसार, यदि तय समय सीमा से अधिक अघोषित कटौती होती है, तो संबंधित SDO और अधिकारियों के खिलाफ निलंबन (सस्पेंशन) जैसी सख्त विभागीय कार्रवाई का प्रावधान है।
विचारणीय सवाल – सरकार एक ही सत्ता की दस साल से अधिक लाइनों के फाल्ट क्यों नहीं सुलझा पाए। जर्जर बुनियादी ढांचा और ट्रिपिंग: ग्रामीण फीडरों और ट्रांसफार्मरों की क्षमता अत्यधिक लोड को झेल नहीं पाती, यह रोना सालों से चल रहा है जिससे बार-बार ओवरलोडिंग, लोकल फॉल्ट और ऑटोमैटिक ट्रिपिंग होती है उपभोक्ता को तसल्ली करा दी जाती है।
इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर ग्रामीण जनता को लंबी कटौती का सामना करना पड़ रहा है, जिससे ग्रिड पर अत्यधिक लोड की कहानी आजतक खत्म नहीं हुई क्यों नहीं समाधान होता। यह मुद्दा हाईकोर्ट में भारतीय लोकमंच लेकर जा रहा है सालों से उपभोक्ता क्यों छले जा रहे है।
हरियाणा में बिजली कटौती को लेकर बड़ा और सख्त फैसला हुआ था कि , अब तय समय से ज्यादा बिजली गई तो सीधे अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई ⚡
हरियाणा सरकार ने बढ़ती गर्मी और बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया है, जिसमें ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी किए हैं।
🏙️ शहरों में अब अधिकतम 2 घंटे से ज्यादा बिजली कटौती किसी भी स्थिति में नहीं की जाएगी और अगर ऐसा होता है तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
🌾 गांवों में भी अब अधिकतम 4 घंटे से ज्यादा बिजली कटौती नहीं होनी चाहिए और यदि इससे अधिक समय तक बिजली बाधित रहती है तो संबंधित एसडीओ (SDO) और अधिकारियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
⚠️ यदि तय समय सीमा से ज्यादा बिजली कटौती पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ गंभीर मामलों में सस्पेंशन तक की कार्रवाई भी की जा सकती है, जिससे सिस्टम में जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
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