नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 9817784493 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , दिल्ली यमुना जी का जल घटाव की ओर आज दिन और रात में सुबह तक और कमी-यह जानकारी केंद्रीय जल आयोग के अधिकारी ने दी. – समाज जागरण 24 टीवी

दिल्ली यमुना जी का जल घटाव की ओर आज दिन और रात में सुबह तक और कमी-यह जानकारी केंद्रीय जल आयोग के अधिकारी ने दी.

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
यह जानकारी केंद्रीय जल आयोग के अधिकारी ने दी.दिल्ली यमुना जी का जल घटाव की ओर आज दिन और रात में सुबह तक और कमी-

समाज जागरण 24tv
कृष्ण राज अरुण
नईदिल्ली – हरियाणा पंजाब हिमाचल उत्तराखंड तूफानी बारिस हिमालय से कोर्ध की जवांला रौद्र रूप ने नदियों का उफान सब ताश के पत्तों जैसा बहा दिया। दिल्ली भी यमुना जी के जल पर्लय बनकर लोगों की आफत कर रखी है।

दिल्ली में बाढ़ ने बुरे हाल कर दिए हैं. लाल किले से लेकर आईटीओ ब्रिज तक हर जगह पानी है. बताया जा रहा है कि 1978 के बाद पहली बार दिल्ली में इतनी मात्रा में पानी आया है, बल्कि इसे उससे भी भयावह बताया जा रहा है, निचली बस्तियां जो पूरी तरह डूब गई हैं उनसे लोगों को निकाला गया है, जगह जगह- राहत शिविर लगाए हैं। खबर हैकि रात से कम होने लगेगा दिल्ली में यमुना का पानी, यह जानकारी केंद्रीय जल आयोग के अधिकारी ने दी.
हरियाणा में हथिनीकुंड बैराज पर जल प्रवाह की दर शाम 4 बजे गिरकर 80,000 क्यूसेक हो गई। दिल्ली में यमुना के उफान पर आने के बाद कई इलाके जलमग्न हो गए हैं।
हरियाणा के फरीदाबाद जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने का काम जारी है। दिल्ली से सटी फरीदाबाद पुलिस ने तिगांव एरिया में स्थित कबूलपुर गांव में पानी में फंसे 40 लोगों को रेस्क्यू किया है। तिगांव थाना प्रभारी दलबीर सिंह व उनकी टीम ने लोगों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठाकर पानी से बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now

लाइव कैलेंडर

January 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031