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उत्तर प्रदेश बरेली में 76 साल से सड़क न बन पाने के विरोध में माँ बाप मासूम ने दिया धरना, मासूम की ठंड में मौत – शहर गावों सदमे में

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-कंट्री एन्ड पॉलिटिक्स पत्रिका –
नई दिल्ली – /बरेली – उत्तर प्रदेश के प्रसिद्द जिले बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र में लगते गोक़ीलपुर गावों और परसाखेड़ा गोटिया के एक गावों की बदहाल सड़क आजादी के 76 साल होने के बावजूद भी परसाखेड़ा गोटिया की बदहाल सड़क के कारण मौत को दावत देने वाली दुदर्शा सुधारने को कोई आगे नहीं आता है।
विवश होकर गावों के एक परिवार ने धरने पर जाने की ठानी ताकि वह योगी सरकार के प्रसाशन की आँखे खोल सके। बीते शुक्रवार हरीश चंद्र पत्नी पुष्पा अपनी मासूम एक साल की विद्या सहित नगरनिगम गेट पर धरने पर बैठ गए। सुबह बच्ची बेसुध थी बच्ची को अस्पताल दिखाया तो मृत्यु बताया। सड़क के निर्माण के लिए धरने पर बैठी मासूम बेटी विद्द्या की ठंड लगने से मौत हो गयी बताया गया । इस घटना से प्रसाशन सकते में आ गया जिसपर सबने 2 मिनट का मौन रखकर बच्ची को अनंतिम विदाई दी।
कई सरकारों की तरह अनदेखी में अब योगी सरकार के प्रसाशन की अनदेखी के कारण यह गावों पिछली सरकार तो छोड़िये योगी सरकार की तेजतर्रार भूमिका में भी अनदेखी विवश होने से इस गावों के लोग आनाजाना एक ईंट भटटी से होकर गुजरते हैं यदि ईंट भटटे के मालिक रास्ता ना दें तो दुर्भर हो जाए। ये तो तय है जब भी सड़क बनेगी इस बच्चों के बलिदान को देखकर उसके नाम से बननी चाहिए। देखना है प्रसाशन और भाजपा नेता अब कितनी जल्दी एक्शन लेते हैं। बताया जा रहा है कि खुले आसमान के नीचे बैठने की वजह से बच्ची को निमोनिया हो गया था. आनन फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया है. उधर, नगर निगम ने सड़क की मांग को मान लिया है।
ग्रामीणों के मुताबिक आजादी के 76 साल बाद भी गांव में सड़क नहीं है-
इसके लिए समय समय से गांव के लोग अलग अलग मंचों पर मुद्दा उठाते रहे हैं. बावजूद इसके अब तक किसी भी सरकारी एजेंसी ने पहल नहीं की. जबकि ग्रामीणों को रोज सड़क के अभाव में रेलवे लाइन पार करना पड़ता है. ऐसे में अब तक 20 से अधिक लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो चुकी है. ऐसे में ग्रामीणों ने इस बार आर पार की लड़ाई का फैसला किया और निगम कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया गया।

 

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