इंटरनेशनल जर्नलिज्म सेंटर नेतत्व में देश में जगायेगा एन ए आई डिजिटल मिडिया मोबाईल जर्नलिज्म करेगा मजबूत – –के आर अरुण बने इंटरनेशनल जर्नलिज्म सेंटर नोयडा के उत्तरी भारत अध्यक्ष –
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ब्यूरो samajjagran24tv.com
चंडीगड़् / अगले 4 से 5 वर्षों में डिजिटल मिडिया से जुड़े ए आई लिटरेट पत्रकारों की मांग बढ़ने वाली है इसलिए मोबाईल जर्नलिज्म को मर्यादित और सुशिक्षित होना बेहद जरूरी है। न्यूज़पेपर्स एसोसोसियशन आफ इंडिया एनएआई नई दिल्ली इंटरनेशनल जर्निलज्म सेंटर नोयडा मारवाह स्टूडियो के मार्ग दर्शन में रूरल जर्नलिज्म को विकसित भारत के लिए प्ररेणा दायक बनने पर जीजान से जुटे चैनलों अखबारों को परररेरित क्र रहा है कि भारत के ग्रामीण पत्रकारोँ के लिए छदम पत्रकारिता की शाख से बचाये।
यह बात हिमाचल में एनएआई के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष को अंतरास्ट्रीय महासचिव इंटरनेशनल जर्नलिज्म सेंटर के महासचिव डा विपीन गौड़ द्वारा नार्थ जॉन चेयरमेन बनाये जाने के बाद उन्होंने राज्यों में जमीनी धरातली पत्रकारों को डिजिटल चुनौतियों से मजबूत होने की वकालत शुरू कर दी है।
श्री अरुण ने कहा की आने वाला समय पारदर्शिता और सूझबूझ की पत्रकारिता की समझ के लिए एकल बड़ी तैयारी करनी पड़ेगी अन्यथा हमे कई हानियां उठानी होंगी। बार बार सच्चाई को पेश करने के लिए खंडन करने वाली स्थिति पत्रकारिता को भटका सकती है इसलिए हमारे पास बेहतरीन 5 साल के अंदर शिक्षण प्रशिक्षण मजबूत करना ही होगा। उन्होंने कहाकि आज भी कई बार हर तरफ से नकारात्मक खबरें ही सुनने को मिलती हैं. इस बीच जर्नलिज्म के छात्रों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर आई है।
उन्होंने कहाकि ग्लोबल रिपोर्ट्स और एम्प्लॉयमेंट और एम्प्लॉयमेंट प्रोजेक्शन के आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि साल 2032 तक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट्स की मांग में 13% की जबरदस्त तेजी..तेजी आने वाली है. बता दें कि ये विकास दर अन्य सभी व्यवसायों की औसत वृद्धि दर से कहीं अधिक है।
न्यूज़पेपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव डा विप्पिन गौड़ इस मुद्दे पर लखनऊ में तहलका द्वारा भारतवर्ष चैनल मंच पर इस मुद्दे की चुनौती की बहस को आगे बढ़ा चुके हैं। यह चिंता गहरी हैकि कम्पनी नुमा मिडिया विभाग देटा वेश पत्रकारों को अहमियत देकर अपना काम आगे बढ़ाएगा जिससे पारम्परिक पत्रकारिता की मर्यादा लुप्त होगी।
चुनौती समझना स्वीकारना जरूरी –
डेटा जर्नलिज्म और सोशल मीडिया स्पेशलिस्ट की मांग-पर पारम्परिक मूल्यों को ध्यान में रखकर एन ए आई कार्यकारी अध्यक्ष एवं गुलजारीलाल नंदा फाउंडेशन के चेयरमेन भारतरत्न नंदा के परम् शिष्य श्री के आर अरुण ने कहा की प्रोफेसर संदीप मारवाह के नेतत्व में चल रहां न नोयडा फिल्म सिटी में विश्व विद्यालय आर्ट एन्ड टेलीविजन ए ए एफटी नोयडा में जो बच्चे देश विदेश के लिए तैयार हो रहे वह पारम्परिक मूल्यों और भविष्य की चुनौतियों के लिए डिजिटल प्लेट फ़ार्म में एक मजबूत इतिहास है इसी वजह से डा संदीप मारवाह विश्व में अनेक रिकार्ड स्थापित करने वाले नोयडा फिल्म सिटी के बेहतरीन भागीरथी प्रयास के संस्थापक हैं।
एक सवाल के जवाब मे श्री अरुण ने कहा की हरियाणा हिमाचल उत्तराखंड पंजाब में सरकारें और अच्छे उद्योगपति प्रयास करेंगे तो फिल्म सिटी की रछना हो सकती है युवाओं को बेहतरीन कई अवसर मिलेंगे अपनी प्रतिभा निखारने का।
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