महिलाओं की अनदेखी के कारण शरीर की गांठें बन रही मुसीबत कैंसर को दे रही न्योता –
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samaj jagran 24tv
दिन प्रतिदिन घर में कई ऐसे खान पान के कारण महिलाओं का बिगड़ता शरीर काफी स्तरों में जो छोटी छोटी सी गांठ की अनदेखी होती हैं यह उन्हें कैंसर की ओर धकेल रही है। जबकि कैंसर का पता भी उन्हें अस्पताल की ओपीडी में आकर जांच करवाने के दौरान पता चलता है।
समाज जागरण 24TV की रिपोर्टऱ अनुसार यह गांठे स्त्री पुरुष बच्चे किसी में भी गलत खानपान से होती हैं मगर कस्ट ज्यादा स्त्री वर्ग के लिए घातक है बतादें कि स्त्री पुरुष बच्च
किसीके लिए भी यह अनदेखी घातक है समीक्षा अनुसार ऐसे मामले अटल कैंसर केयर केंद्रों सहित कई अस्पताल opd में दीखते हैं जिनमे चिकत्स्क बताते हैं कि महिला वर्ग की अनदेखी से समय रहते इलाज ना होना कैंसर रोग महिला विशेषज्ञ इसका मुख्य कारण महिलाओं में जागरूकता का अभाव बताते हैं। बच्चों में बाहरी खानपान सुबह होते ही दौड़ते दुकानों से लाते गलत खानपान नजर आ रहा है। ऐसे रोग पहले तो वह शरीर में ब्रेस्ट व अन्य जगह होने वाली गांठ को अनदेखा कर देती है। लेकिन बाद में यह गांठ बढ़ती चली जाती है और एक दिन कैंसर का रूप ले लेती है।
सबसे ज्यादा महिलाओं की ब्रेस्ट में पाई जाती है गांठ-
कैंसर की गांठ शरीर के अलग-अलग हिस्सों में हो सकती है। महिलाओं में ब्रेस्ट में सबसे ज्यादा गांठ पाई जाती है। ऐसे में ब्रेस्ट का शेप बदल जाता है और गांठ महसूस हो सकती है या निप्पल से खून निकल सकता है। इसके अलावा गर्दन में थायरॉइड में गांठ डेवलप हो सकती है। कैंसर की गांठ का शेप शुरुआत में छोटा हो सकता है, जो सिर्फ कुछ मिलीमीटर का हो सकता है। जैसे-जैसे कैंसर का इंफेक्शन बढ़ता है, यह गांठ शेप में बड़ी होती जाती है। जब यह गांठ 1 से 2 सेंटीमीटर से अधिक हो जाती है, तो यह चिंता का कारण बन सकती है।
चिकित्सा विशेष्ज्ञ अनुसार महिलाओं में शरीर पर या स्तनों में गांठों का दिखना चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि कई गांठें कैंसर का प्रारंभिक संकेत होती हैं, जबकि कई सौम्य (कैंसर-रहित) भी होती हैं, जैसे कि सिस्ट या फाइब्रॉइड। महिलाओं को अपने शरीर के प्रति सचेत रहना चाहिए और किसी भी असामान्य बदलाव, जैसे नई गांठ, स्तन के आकार या त्वचा में परिवर्तन, या निप्पल से असामान्य स्राव
को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी किसी भी गांठ की तुरंत डॉक्टरी जांच करवानी ज़रूरी है, क्योंकि शुरुआती चरण में कैंसर का पता लगने पर इलाज की संभावना बेहतर होती है। स्तनों में गांठ के सामान्य कारण:-
फाइब्रोएडीनोमा:
यह स्तन में होने वाली एक सौम्य गांठ होती है, जो चिकनी, गोल और दर्द रहित हो सकती है। शुरू में कोई खास बात नहीं कहकर टाल दी जाती है बाद में खतरनाक हो जाते है।
फाइब्रोसिस्टिक परिवर्तन:
मासिक धर्म चक्र के दौरान हार्मोनल बदलावों के कारण स्तनों में दर्द, गांठें और कोमलता महसूस हो सकती है, जो कि कैंसर नहीं हैं।
सिस्ट (गांठदार द्रव थैली):
ये गांठें तरल पदार्थ से भरी होती हैं और अक्सर दर्द रहित होती हैं।
फैट नेक्रोसिस:
स्तन में फटी हुई वसा कोशिकाओं से भी गांठें बन सकती हैं, जो चोट या बायोप्सी के बाद हो सकती हैं।
कैंसर के अन्य लक्षणों पर भी ध्यान दें: जैसेकि स्तन का आकार या सुडौलपन बदलना।निप्पल का अंदर की ओर धंसना।निप्पल से खून या पानी जैसा स्राव।
स्तन की त्वचा पर लालिमा, खुजली या ठीक न होने वाला घाव।बगल में गांठ महसूस होना।
ऐसे में क्या करें?
आत्म-निरीक्षण (Self-examination): नियमित रूप से अपने स्तनों की जांच करें, खासकर मासिक धर्म के बाद के दिनों में। डॉक्टर से मिलें:
यदि आपको अपने स्तन या शरीर के किसी अन्य हिस्से पर कोई नई या असामान्य गांठ महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
जांच करवाएं:डॉक्टर शारीरिक परीक्षण के बाद मैमोग्राम, अल्ट्रासाउंड या बायोप्सी की सलाह दे सकते हैं, जिससे गांठ का सही कारण पता चल सके।
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