सावधान –? तेजी से फेलाव ला परवाही मुसीबत ना ला दे स्वाइन फ्लू -चिंता जनक संकेत
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
>नई दिल्ली एनसीआर
अब भगदड़ क्यों हुई? चिंता जनक संकेत
स्वाइन फ्लू की अफवाहों के बीच आईसीएमआर की यह रिपोर्ट देश के लिए चिंता जनक संकेतलेकर आई है। वायरस पुराना ही है और वैक्सीन असरदार है, लेकिन बच्चों और बुजुर्गों में लक्षण बिगड़ने पर थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। जानिए कौन से वे 3 संकेत हैं, जिन्हें देखते ही आपको तुरंत अस्पताल भागना चाहिए?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को H1N1 की स्थिति और इससे निपटने की तैयारियों की समीक्षा की.
दिल्ली में H1N1 के मामले बढ़े, मेरठ में 10 केस;
जानें क्या हैं इसके लक्षण,
देश की राजधानी में तो ऐसे मरीजों की संख्या काफी है, जो कि चिंताजनक है. एनसीआर के शहरों जैसे गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत मेरठ में भी वायरल बुखार और फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है.
किन कारणों से होगा स्वैन फ्लू ?सूअर पालन में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
स्वाइन फ्लू मुख्य रूप से इन्फ्लूएंजा ए (Influenza A) वायरस (जैसे H1N1, H1N2, और H3N2 उपभेदों) के कारण होता है, जो सूअरों के श्वसन तंत्र को संक्रमित करता है। यह संक्रमित सूअरों की खांसी, छींक या श्वसन बूंदों से फैलता है। सूअर पालन में थोड़ी सी लापरवाही इस बीमारी को बढ़ा सकती है।
स्वाइन फ्लू होने के कारण—
वायरस का प्रसार: यह हवा में मौजूद बूंदों और संक्रमित पशुओं के सीधे संपर्क में आने से फैलता है।
मिश्रण वाहक (Mixing Vessels): सूअरों के शरीर की कोशिकाएं मानव और पक्षी (बर्ड) दोनों तरह के फ्लू वायरस को ग्रहण कर सकती हैं, जिससे नए और खतरनाक वायरस के म्यूटेट होने का खतरा रहता है।
मानव संपर्क: जो लोग सीधे संक्रमित सूअरों के संपर्क में आते हैं, उनमें यह वायरस आ सकता है।
सूअर पालन में बरतने वाली सावधानियां–
जैविक सुरक्षा (Biosecurity): फार्म में बाहरी लोगों और वाहनों का आना सीमित करें।
साफ-सफाई: बाड़ों, फीडिंग और पानी के बर्तनों को नियमित रूप से साफ और सैनिटाइज करें।
उचित वेंटिलेशन: सूअर के शेड या बाड़े में हवा के आने-जाने का अच्छा प्रबंध रखें।
बीमार पशुओं को अलग करना: किसी भी सूअर में खांसी, छींक, तेज बुखार या सुस्ती के लक्षण दिखते ही उसे तुरंत स्वस्थ झुंड से अलग करें।
टीकाकरण: पशु चिकित्सक की सलाह से सूअरों को स्वाइन फ्लू और अन्य गंभीर बीमारियों का समय पर टीका लगवाएं।
व्यक्तिगत सुरक्षा: फार्म के कामगार मास्क पहनें तथा सूअरों के संपर्क में आने से पहले और बाद में साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं।
संक्रामक रोग महामारी विज्ञान एवं रोकथाम विभाग: स्वाइन इन्फ्लूएंजा
अनुवाद किया गया — जिन लोगों को फ्लू से गंभीर जटिलताओं का अधिक खतरा है, उन्हें सूअरों और सूअर के बाड़ों के संपर्क से बचना चाहिए।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space





