गुलजारीलाल नंदा फाउंडेशन का आजादी पर्व से महा मिशन – आर्टिफिसियल इउंटेलिजेन्स सहभागिता पर जन जागरण महा अभियान – देश के युवा नौकर नहीं मालिक उद्यमी बनें – विकासशील भारत स्वच्छ योजना को दिया भारत रत्न नंदा के परम शिष्य कृष्ण राज अरुण ने महामंत्र –
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samajjagran24tv.com
नई दिल्ली – चंडीगढ़ ब्यूरो –गुलजारीलाल नंदा फाउंडेशन द्वारा ‘आजादी पर्व’ के शुभ अवसर पर “आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस (AI) सहभागिता पर जन जागरण महा अभियान” की शुरुआत की गई है। भारत रत्न गुलजारीलाल नंदा के परम शिष्य और वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण राज अरुण ने इस अभियान के तहत देश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक विशेष महामंत्र दिया है, जिसके तहत “देश के युवा नौकर नहीं, बल्कि मालिक और उद्यमी बनें”। इस विज़न को धरातल पर उतारने के लिए ‘विकासशील भारत स्वच्छ योजना’ को मुख्य माध्यम बनाया गया है।
इस महा अभियान और इसके मुख्य उद्देश्यों की विस्तृत रूपरेखा नीचे दी गई है:-
🚀 महा अभियान का मुख्य उद्देश्य-युवाओं को उद्यमी बनाना: पारंपरिक नौकरियों और मानसिक गुलामी (नौकर बनने की प्रवृत्ति) से इतर युवाओं को स्वयं का स्टार्टअप या व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करना।
एआई (AI) का लोकतंत्रीकरण: आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों को आम जनमानस और युवाओं तक पहुँचाना ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
तकनीकी जन जागर
ण: देश के सुदूर क्षेत्रों तक तकनीकी साक्षरता का प्रसार करना और एआई के सही व सकारात्मक उपयोग के प्रति जागरूक करना।
भारत रत्न गुलजारीलाल नंदा के सिद्धांतों पर चलते हुए कृष्ण राज अरुण ने युवाओं से आह्वान किया है कि वे तकनीकी कौशल (विशेषकर AI) को अपना हथियार बनाएं। उनका मानना है कि यदि युवा एआई टूल्स और आधुनिक तकनीकों का सही इस्तेमाल सीख जाते हैं, तो वे रोजगार मांगने वाले (Job Seekers) नहीं बल्कि रोजगार देने वाले (Job Creators) मालिक बनेंगे।
🛠️ ‘विकासशील भारत स्वच्छ योजना’ की भूमिका--इस महा मिशन को सफल बनाने के लिए इस योजना के तहत निम्नलिखित कार्य किए जा रहे हैं:
कौशल विकास (Skill Development): युवाओं को एआई, डेटा एनालिटिक्स और
डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप के व्यावहारिक गुण सिखाना।
स्वच्छ और पारदर्शी ईकोसिस्टम: व्यापार और स्टार्टअप्स के लिए एक स्वच्छ, भ्रष्टाचार-मुक्त और सुलभ तकनीकी वातावरण तैयार करना।
वैचारिक स्वच्छता: युवाओं के भीतर से ‘नौकरी पर निर्भरता’ की सोच को साफ करके आत्मनिर्भरता का विचार विकसित करना।इस स्वेचिक गांधीवादी नादेप कामपोस्ट गौ धन से ऋषि कृषि पर्यावरण कदम शामिल है।
श्री अरुण के अनुसार न्यूजपेपर एसोसिएशन ऑफ इंडिया दिल्ली की सहभागिता शामिल है और ग्रामदूत विकास योजना सहयोगी है।
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