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आतंकी दहलाना चाहते थे पाकिस्तानी इशारे पर – यूपी एटीएस पहल -का कमाल लखनऊ में धमाके की साजिस कर दी नाकाम –

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के आर अरुण —–समाज जागरण 24tv —
नई दिल्ली /लख नऊ –पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारों पर काम करने वाले आतंकी मॉड्यूल के निशाने पर लखनऊ, गाजियाबाद और अलीगढ़ के थे। मॉड्यूल पहले इन शहरों में वारदातों को अंजाम देकर माहौल में भय पैदा करता, उसके बाद अन्य शहरों को निशाना बनाना था । जाँच एजंसी एटीएस अनुसार पूछताछ में यह पूरी साजिश खुद आरोपियों ने कबूल की। एटीएस को मिली जानकारी के आधार पर आगे की तफ्तीश जारी है। प्रदेश के कई बड़े नेता गिरोह के निशाने पर थे। एटीएस को नेताओं के नाम भी आरोपियों ने बताए हैं। इसमें कई नेता अहम पदों पर हैं।
उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (
UP ATS) ने पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारों पर काम करने वाले एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। यह आतंकी समूह लखनऊ, गाजियाबाद और अलीगढ़ जैसे शहरों में प्रमुख संस्थानों और सार्वजनिक संपत्तियों को निशाना बनाने की फिराक में था।
साजिश का विवरण और गिरफ्तारी

लखनऊ धमाके की साजिश नाकाम: आतंकियों ने 2 अप्रैल 2026 को लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल बॉक्स में आगजनी और विस्फोट करने की योजना बनाई थी। एटीएस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को धर दबोचा।
पकड़े गए आरोपी: इस गैंग का मुख्य सरगना मेरठ का साकिब उर्फ डेविल (25) है। उसके साथ मेरठ के ही अरबाब (20) और गौतम बुद्ध नगर के विकास गहलावत उर्फ रौनक (27) व लोकेश उर्फ पपला पंडित (19) को गिरफ्तार किया गया है।
हैंडलर्स के साथ संपर्क: ये आरोपी टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे। हैंडलर्स इन्हें गूगल मैप के जरिए लोकेशन भेजते थे।
मुख्य लक्ष्य: इनका उद्देश्य रेलवे सिग्नल बॉक्स, गैस सिलेंडर से भरे ट्रक और प्रमुख सरकारी संस्थानों में आगजनी कर देश में डर और अस्थिरता फैलाना था।

महत्वपूर्ण तथ्य

रेकी और वीडियो: आरोपियों ने लखनऊ, गाजियाबाद और अलीगढ़ में महत्वपूर्ण ठिकानों की रेकी की थी और उनके वीडियो व तस्वीरें पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजी थीं।
QR कोड से भुगतान: छोटी-मोटी आगजनी की घटनाओं के वीडियो भेजने के बदले इन्हें QR कोड के जरिए पैसों का भुगतान किया जाता था।
बरामदगी: एटीएस ने इनके पास से ज्वलनशील पदार्थ, 7 मोबाइल फोन और 24 भड़काऊ पंपलेट बरामद किए हैं।
कानूनी कार्रवाई: सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है

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